डेंगू और चिकनगुनिया से बचने के उपाय – Measures to avoid dengue and chikungunya

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डेंगू और चिकनगुनिया से बचने के उपाय
अगर आप या आपका कोई करीबी चिकनगुनिया (chikungunya) से पीड़ित है तो घबराये नहीं. यह जानलेवा बीमारी नहीं है. बस सावधानी बरते और लापरवाही न करे. सही से इलाज़ करवाए.तुरंत डॉक्टर पर जाये

  • बारिश के मौसम यह बीमारी तेजी से पनपती है क्योकि बारिश के जमे हुए पानी में मच्छर तेजी से पैदा होते है इसलिए लापरवाही न बरते. अपने घर के आस पास जैसे छत, पार्को में पानी न जमा होने दे.
  • कूड़ेदान में ज्यादा दिनों तक कूड़ा न जमा होने दे. साथ ही साथ कूड़ेदान को हमेशा ढक कर रखे.
  • बाल्टी, घडो, कूलरो और स्वीमिंग पुल में रोजाना पानी साफ़ करे.
  • क्योकि यह बीमारी बच्चो और बूढों को ज्यादा प्रभावित करती है इसलिए बच्चो को इस मौसम में पूरी बाजू के पड़े पहेनाये.
  • खुद डॉक्टर न बने. अगर दिक्कत ज्यादा है तो तुरन डॉक्टर के पास जाये.
  • इस मौसम में सावधानी के तौर पर घर की खिड़कीयों को हमेशा बंद करके रखे
  • जितना हो सके नदी और स्वीमिंग पुल में नहाने से बचे

 

250 ग्राम कलौंजी को पीस लीजिये उसमें 250-300 ग्राम गुड़ मिला लें । जब इसमें लसलसा पन आ जाये तो इसका लड्डू बना लीजिये।मरीज को 1-1 लड्डू सुबह दोपहर शाम देना है कम से कम 4 दिन । 4 दिन बाद दिन में बस एक लड्डू देना है।1 चम्मच अजवाइन और 1 चम्मच दालचीनी को 250-300 ग्राम पानी में 15 मिनट उबालना है इसमें थोड़ा सा गुड़ , तुलसी के 20 या 25 पत्ते और 10 दाने काली मिर्च मिला दें । यह काढ़ा छान कर आधा आधा करके दिन में 2 बार पीना है चाय की तरह।

बुखार उतरने के बाद मरीज को आलू कम से कम 250 ग्राम उबाल कर काट कर उसमें नमक निम्बू भुना जीरा काली मिर्च चाट मसाला आदि मिला कर खिलाएं।इस चाट में कोई तेल या लाल मिर्च नहीं डालनी।

अगर हो सके तो गिलोय का काढ़ा भी सुबह शाम मरीज को दें ।

ये सिर्फ एक हफ्ते ही करना है । बुखार का वायरस जड़ से ख़त्म हो जाएगा।चिकनगुनिया के बाद शरीर की हड्डियों में दर्द भी नहीं होगा न ही हड्डियाँ टेढ़ी होने का खतरा रहेगा।

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